आजकल टीव्ही के विज्ञापन मे Mutual Fund का ही बोलबाला है लोगो की निवेश करणे की पहिली पसंद mutual fund ही है आपको बता दे की शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच म्यूचुअल फंड्स में निवेशकों को रुझान बना हुआ है. खासकर रिटेल निवेशक जमकर पैसा लगा रहे हैं. म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया के नये आंकड़ों के अनुसार, सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान पहली बार 23,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है।
एएमएफआई के आंकड़ों के अनुसार, एसआईपी निवेश जून में 21,262 करोड़ रुपये से बढ़कर जुलाई में 23,332 करोड़ रुपये हो गया, जो 10% की वृद्धि दर्शाता है।
एसआईपी प्रवाह में इस वृद्धि के बावजूद, जुलाई में पिछले महीने की तुलना में कुल इक्विटी Mutual Fund (एमएफ) प्रवाह में 9% की कमी देखी गई।
आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कुछ इसी तरह की चिंता जाहिर की है, जैसी देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने व्यक्त कर रहा है. एसबीआई की रिपोर्ट कहती है कि बैंकों के क्रेडिट ग्रोथ में तो इजाफा हो रहा है, लेकिन डिपोजिट्स में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. इस बीच Mutual Fund को लेकर सामने आया ये रिपोर्ट हैरान करने वाला है
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गर्वनर शक्तिकांत दास ने इंवेस्टमेंट के मोर्चे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मौजूदा दौर में रिटेल कस्टमर्स का रुख अल्टरनेटिव्स इंवेस्टमेंट की ओर देखने को मिल रहा है, जिसकी वजह से बैंकों को फंडिंग के मोर्चे पर कई चुनौतियों और समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. अब इसका सबूत भी सामने आ गया है. पहली बार हुआ है जब इसका आंकड़ा 23,000 करोड़ रुपए को पार कर गया.
आईटीआई Mutual Fund के कार्यवाहक सीईओ हितेश ठक्कर ने कहा, “हमें लगता है कि निवेशक अब समझ रहे हैं कि अस्थिरता long-term धन सृजन यात्रा का हिस्सा है। वित्तीय परिसंपत्तियों का हिस्सा तेजी से बढ़ रहा है, और वित्तीय परिसंपत्तियों के भीतर, Mutual Fund बाजार में हिस्सेदारी अपेक्षाकृत अधिक है।
Mutual Fund व्यक्तिगत निवेशकों के लिए धन सृजन को सक्षम करने और दीर्घकालिक वित्तीय नियोजन के लिए उपकरण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुझे विश्वास है कि Mutual Fund उद्योग अगले 3 से 4 वर्षों में एक ट्रिलियन एयूएम और 100 मिलियन निवेशकों को पार कर जाएगा।
” कोटक महिंद्रा National Head of Sales, Marketing & Digital Business प्रमुख मनीष मेहता ने कहा, “जून की तुलना में शुद्ध इक्विटी प्रवाह थोड़ा कम था। प्रवाह का श्रेय नए फंड ऑफर (एनएफओ) और एसआईपी निवेश को दिया जा सकता है। “
Mutual Fund एसआईपी में देखी गई तेजी
लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, मंथली एसआईपी जून में 21,262 करोड़ रुपए से बढ़कर जुलाई में 23,332 करोड़ रुपए हो गई है. Mutual Fund का कुल AUM जून में 60.89 लाख करोड़ रुपए था I उसके मुकाबले जुलाई में 6% बढ़कर 64.69 लाख करोड़ रुपए हो गया है I
इक्विटी एमएफ में शुद्ध निवेश में 9% की गिरावट आई है, जबकि डेट एमएफ में जुलाई में निवेश बढ़ा. सेक्टोरल फंड, जिनमें लगातार तीन महीनों से निवेश बढ़ रहा था, में जुलाई में निवेश में 18% की गिरावट देखी गई. इस श्रेणी में जून में 22,351 करोड़ रुपए के मुकाबले जुलाई में 18,386 करोड़ रुपए का निवेश हुआ.
Mutual Fund इन चार कैगेटरी में घटा निवेश
जुलाई में 16 डेट एमएफ कैटेगरी में से 12 में निवेश आया. जिन चार कैटेगरी में निवेश घटा, उनमें मिड कैप फंड, क्रेडिट रिस्क फंड, बैंकिंग और पीएसयू फंड और 10 साल की निरंतर मैच्योरिटी वाले गिल्ट फंड शामिल हैं. जुलाई में लिक्विड फंड में सबसे ज्यादा 70,060 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है, जबकि जून में 80,354 करोड़ रुपए का निवेश घटा था. मनी मार्केट फंड 28,738 करोड़ रुपए के निवेश के साथ दूसरे स्थान पर रहे. इसके विपरीत, क्रेडिट रिस्क फंड में सबसे ज्यादा निवेश घटा, जो जुलाई में 542 करोड़ रुपए रहा.
Mutual Fund क्यों हो रही RBI और SBI को चिंता?
वहीं दूसरी ओर देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में कुछ इसी तरह की चिंता जाहिर की है, जैसी आरबीआई व्यक्त कर रहा है. एसबीआई की रिपोर्ट कहती है कि बैंकों के क्रेडिट ग्रोथ में तो इजाफा हो रहा है, लेकिन डिपोजिट्स में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है.
अब निवेशक बैंक डिपॉजिट्स या यूं कहें कि बैंकिंग स्कीम्स में निवेश करने की जगह Mutual Fund और शेयर बाजार में निवेश करने मे जादा दिलचसबीद ले रहे हैं. हाल ही में Mutual Fund में निवेशकों ने 21 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश किया है. इस इंवेस्टमेंट की ग्रोथ रेट भी ज्यादा है. वहीं दूसरी ओर देश के बैंकों के डिपॉजिट्स की ग्रोथ में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है I
The key data points related to mutual fund (MF) and SIP inflows for July 2024:
Category | June 2024 | July 2024 | % Change |
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Equity MF Inflows | Decreased by 9% | ||
SIP Inflows | ₹21,262 crore | ₹23,332 crore | +10% |
Number of New SIPs Registered | 72,61,928 | ||
SIP AUM | ₹12.43 lakh crore | ₹13.09 lakh crore | |
Number of SIP Accounts | 8,98,66,962 | 9,33,96,174 | |
Average AUM (AAUM) | ₹61.33 lakh crore | ₹64.70 lakh crore | |
Total MF Folios | 19,84,06,294 | ||
Retail MF Folios | 15,32,56,488 | 15,89,35,085 |
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